हिमाचल: काल बनकर आया मानसून, अब तक 152 लोगों की हुई है मौत, घर हो गये तबाह, 7 हाइवे सहित 252 सड़कों पर आवाजाही हुई प्रभावित

हिमाचल प्रदेश में बीते एक सप्ताह बाद फिर से मानसून सक्रिय हो गया है। और अब फिर से लोगों को खूब डरा रहा है। वहीं सोमवार को भी हिमाचल में बारिश से भारी नुकसान हुआ है‌। वहीं चंबा जिले में हुए लैंडस्लाइड के चलते माता-पिता और बेटे की मौत हुई है। वहीं दूसरे इलाकों में भी भारी नुकसान देखने को मिला है। कांगड़ा, हमीरपुर और चंबा जिले में ही 16 घर और दुकानें तबाह हो गई हैं। इसके साथ ही कारें और पुल बह गए हैं। वहीं प्रदेश में जगह-जगह हुए भूस्खलन से 7 नेशनल हाईवे समेत प्रदेश भर में 252 सड़कें पूरी तरह से ठप हो गईं हैं। बाद में इनमें से कुछ सड़कों को आवाजाही के लिए बहाल कर दिया गया है। कांगड़ा जिले में सोमवार रात से ही बारिश जारी है‌। इसी के साथ चंबा जिले में भरमौर जाने वाला हाईवे टोलू में भट्टी की हट्टी के पास भूस्खलन होने के बाद बंद हो गया है।

वहीं आपको बता दें कि मौसम विभाग ने सोमवार के लिए प्रदेश भर में रेड अलर्ट जारी किया था, जिसका असर अब भी देखने को मिला‌ है। वहीं आपको बता दें कि मंडी जिले में लगातार 12 घंटे बारिश हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने सोमवार से मंगलवार 20 जुलाई सुबह साढ़े पांच बजे तक चंबा, कांगड़ा, मंडी, हमीरपुर और कुल्लू जिले के कई क्षेत्रों में बाढ़ आने की चेतावनी भी जारी की है। वहीं सैलानियों और स्थानीय लोगों से नदी-नालों से दूर रहने की अपील भी की गई है। इसी के साथ मंगलवार सुबह तक के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं दिन के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी रहेगा। इसी के साथ पूरे प्रदेश में 25 जुलाई तक मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है।

वहीं आपको बता दें कि चंबा जिले में भूस्खलन की चपेट में आई एक कार रावी नदी में समा गई। इस कार में एक ही परिवार के तीन सदस्य सवार थे और अब तीनों के शव बरामद कर लिए गए हैं। इसी के साथ कांगड़ा जिले के जिया में एक नाले में एक व्यक्ति का शव मिला है। सिरमौर की गिरी नदी पर जलस्तर बढ़ने से गेट नंबर 2 और चार को खोल दिया गया है। यहां किसी भी तरह की जानकारी के लिए 1077 पर संपर्क किया जा सकता है। वहीं आपको बता दें कि कांगड़ा जिले के आशापुरी में बिजली गिरने के कारण तीन भेड़ों समेत चार मवेशियों की मौत हो गई है। सरकाघाट के पपलोग में ट्रैक्टर, बिलासपुर में कार मलबे में दब गई। पंचरुखी के मच्छयाल नाले के पास पार्क कार बह गई है।

हिमाचल प्रदेश में चल रहे मानसून सीजन में 13 जून से अब तक बारिश के बीच 152 लोगों की जान चली गई है। इनमें सड़क हादसे भी शामिल हैं। इसके अलावा इस अवधि में 59 कच्चे और पक्के घर पूरी तरह से ध्वस्त हो गए हैं। राजस्व विभाग और आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के अनुसार, पीडब्ल्यूडी को 13,977.89 लाख और आईपीएच विभाग को 7,539.75 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।