हिमाचल: कोविड अस्पताल में लापरवाही, जिंदा कोरोना मरीज को मृत बताकर परिजनों को थमा दिया किसी और का शव

महर्षि मार्कंडेश्वर मेडिकल कॉलेज अस्पताल कुमारहट्टी में रविवार को एक बड़ी लापरवाही देखने को मिली है। यहां निजी अस्पताल के कर्मचारियों ने एक उपचाराधीन बुजुर्ग कोरोना मरीज को मृत बताकर परिवार वालों को किसी और का ही शव थमा दिया। यहां अस्पताल के कर्मचारियों की ओर से सौंपे मृतक के सामान को जब श्मशानघाट पर अंतिम संस्कार से पहले देखा गया तो उसमें किसी और की ही अंगूठी निकली। वहीं शक होने पर परिवार वालों ने पीपीई किट में लपेटे शव को संस्कार से पहले देखा तो शव किसी और का ही निकला।

इसी के साथ मरीज के परिजनों ने इसकी सूचना अस्पताल समेत स्थानीय प्रशासन को भी दी। वहीं प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव वापस एमएमयू को भिजवाया। इसी के साथ प्रशासन ने जांच में पाया कि संबंधित परिवार का बीमार व्यक्ति अभी जिंदा है। इस पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। अस्पताल में उपचाराधीन जौणाजी क्षेत्र के बुजुर्ग के पोते जगदीप ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि तीन दिन पहले ही उनकी दादी की मौत हुई है, जिसके बाद वह अस्थियां प्रवाहित करने हरिद्वार गए हुए थे।

वहीं शनिवार देर शाम अस्पताल से फोन आया कि उनके दादा जी की मौत हो गई है। वह अंतिम संस्कार के लिए शव ले जा सकते हैं। परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर चंबाघाट स्थित श्मशानघाट पहुंचे। जब अस्पताल से मिले दादा के सामान को देखा, तो उसमें एक अंगूठी निकली, जो उनके दादा की नहीं थी। तभी शक के आधार पर जब उन्होंने शव को निकालकर देखा तो शव किसी और का निकला। जबकि दिया गया अन्य सामान उनके दादा का ही था।

वहीं सीएमओ सोलन डॉ. राजन उप्पल ने जानकारी देते हुए बताया कि एमएमयू अस्पताल में संबंधित व्यक्ति का इलाज चल रहा था। वहां के कर्मचारियों की ओर से गलत पर्ची बनाने के कारण यह लापरवाही सामने आई है। इस मामले की अभी जांच की जा रही है। छानबीन के बाद सामने आया है कि मौत धनीराम की हुई है, जबकि केवलराम अभी जिंदा हैं।