हिमाचल: खराब मौसम बना बाधा, सीएम का लाहौल दौरा रद्द, एयरलिफ्ट किए जाएंगे घाटी में फंसे 221 पर्यटक, मौसम साफ होने का इंतजार

हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल स्पीति के लिए होने वाला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का हवाई दौरा खराब मौसम के चलते रद्द कर दिया गया है। वहीं अब यहां फंसे लोगों को सरकार ने एयरलिफ्ट करने की योजना बनाई है, लेकिन यह काम अब मौसम साफ होने के बाद ही हो पाएगा। क्योंकि खराब मौसम के चलते चंडीगढ़ से हैलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका है। लाहौल स्पीति के एसपी मानव वर्मा ने यह जानकारी दी है। आपदा प्रबंधन द्वारा दी गई के अनुसार, घाटी में अब भी 221 टूरिस्ट फंसे हुए हैं। इनमें 191 हिमाचल के ही हैं और 30 टूरिस्ट बाहरी राज्यों से हैं। इसी के साथ पंजाब के 13 टूरिस्ट भी यहां फंसे हुए हैं। बताया जा रहा है कि अभी घाटी में मौसम खराब है, इसलिए पर्यटकों को एयरलिफ्ट करना मुश्किल है। सबसे राहत की बात यह है कि लेह मनाली हाईवे फिर से बहाल कर दिया गया है।

एसपी मानव वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर आज घाटी का दौरा करने वाले थे जिसे कि खराब मौसम के चलते स्थगित कर दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि घाटी में अभी बारिश हो रही है। जब यहां ज्ञमौसम साफ होगा तो उदयपुर की ओर फंसे सैलानियों को एयरलिफ्ट किया जाएगा और इन्हें सिस्सु हैलिपेड लाया जाएगा। यहां से उन्हें मनाली बसों से भेजा जाएगा। जितने भी टूरिस्ट फंसे हैं, सबके खाने और रहने का बंदोबस्त किया गया है।

वहीं आपको बता दें कि डीसी लाहौल स्पीति नीरज कुमार ने इससे पहले घाटी में फंसे लोगों की संख्या की जानकारी दी थी। उन्होंने सरकार से इस बाबत हेलिकॉप्टर की मांग भी की थी। इस पर सीएम जयराम ठाकुर का भी बयान आया था। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा था कि मौसम साफ होने पर फंसे हुए लोगों को एयरलिफ्ट किया जाएगा।

इसी के साथ आपको जानकारी देते हुए बता दें कि लाहौल के उदयपुर क्षेत्र में हुई भारी बारिश और बाढ़ के चलते बह गये कुल 10 लोगों में से 7 लोगों के शव सर्च और रेस्क्यू अभियान में मिल चुके हैं, जबकि 3 अन्य की तलाश की जा रही है। डीसी लाहौल-स्पीति नीरज कुमार ने जानकारी दी और बताया कि एनडीआरएफ की टीम अब भी इस कार्य में जुटी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि उदयपुर को पांगी घाटी के साथ जोड़ने वाले मडग्रां पुल को बीआरओ की ओर से शुक्रवार तक बहाल करने की पूरी कोशिश की जा रही है। शांशा और थिरोट पुल तक जाने वाली क्षतिग्रस्त सड़क को भी पानी का स्तर कम होते ही बहाल कर दिया जाएगा।