हिमाचल: प्रदेश में बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं कोरोना के सक्रिय मामले, आईजीएमसी शिमला, धर्मशाला और टांडा में कम पड़ने लगे बिस्तर

हिमाचल प्रदेश में कोरोना अब रौद्र रूप धारण करने लगा है। वहीं राज्य में प्रतिदिन पांच सौ से अधिक नए पॉजिटिव मामले सामने आ रहे हैं। इनमें करीब 5 से 10 फीसदी लोग तो गंभीर अवस्था में आ रहे हैं। जिस कारण इन्हें अस्पतालों में शिफ्ट करना पड़ रहा है। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) का वार्ड और मेक शिफ्ट अस्पताल कोरोना मरीजों से भर गया है। वहीं आपको बता दें कि धर्मशाला के कोविड सेंटर में 120 और मेक शिफ्ट अस्पताल 66 बिस्तर हैं।

इन अस्पतालों में प्रतिदिन 60 से 80 के बीच कोरोना मरीज भर्ती होते हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग का यह भी मानना है कि ऐसे ही कोरोना के मामले बढ़ते रहे तो जोनल अस्पतालों में भी मरीजों को शिफ्ट करना पड़ेगा। हालांकि, सरकार ने मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों से कोविड मरीजों के लिए उचित व्यवस्था करने को कहा है। मेडिकल कॉलेजों में ओपीडी और ऑपरेशन प्रभावित न हों, इसका भी ध्यान रखने के लिए कहा है। वहीं कोविड सेंटर धर्मशाला और मेक शिफ्ट अस्पताल टांडा में मरीजों का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। यहां तीन जिलों कांगड़ा, ऊना और चंबा के गंभीर मरीजों को शिफ्ट किया जा रहा है।

इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में भी जिला शिमला, सोलन, बिलासपुर और सिरमौर से कोरोना मरीज यहां शिफ्ट किए जा रहे हैं। यहां भी करीब 70 मरीज उपचाराधीन हैं। जिस तरह यहां मामले बढ़ रहे हैं, उससे बिस्तरों की कमी भी अब खलने लगी है। सरकार का यह मानना है कि प्रदेश में 300 से अधिक कोविड सेंटर बनाए गए हैं। जैसे-जैसे मरीजों की संख्या बढ़ रही है, इन सेंटरों में मरीजों को भेजा रहा है। कुल्लू, लाहौल-स्पीति, किन्नौर तीन जिलों में कोरोना के मामले अभी कम हैं। ऐसे में यहां के कोविड सेंटर बंद रखे गए हैं। सरकार ने डॉक्टरों की छुट्टियों पर रोक लगाई है।