हिमाचल: ब्यास नदी में डूबते शख्स के लिए फरिश्ता बनी पुलिस, दो पुलिसकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर मौत के मुंह में डूब रहे शख्स को बचाया

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में ब्यास नदी में डूब रहे एक युवक के लिए पुलिसकर्मी फरिश्ता बनकर आए हैं। यहाँ के दो पुलिस जवानों ने अपनी बहादुरी और साहस का परिचय देते हुए खुद की जान पर खेलकर एक युवक की जान बचाई है। वही आपको बता दे कि पुलिस जवानों से यदि मामूली सी चूक भी हो जाती तो व्यास नदी में डूब रहे शख्स की जान जा सकती थी। इसीके साथ पुलिसकर्मियों की खुद की जान को भी यहाँ खतरा था, लेकिन पुलिसकर्मियों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए नदी में डूब रहे युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार की शाम को सदर थाना में सूचना मिली थी कि मंडी शहर के भ्यूली पुल के नीचे ब्यास नदी में कोई शख्स डूब रहा है। इसीके साथ सूचना मिलते ही थाने से मुख्य आरक्षी भानु प्रताप तथा मानक मुख्य आरक्षी सुरेश कुमार मौके पर पहुंचे। वहाँ पहुंचकर उन्होंने देखा कि एक युवक नदी में डूब रहा है। नदी में डूब रहे इस व्यक्ति की पहचान योगेश कुमार पुत्र हुक्म चंद निवासी कठवाड, मंडी के रूप में हुई है। वही आपको बता दे कि मौके पर काफी लोग इकठ्ठा हो गए थे, लेकिन किसी ने भी इस युवक को बचने की कोशिश नहीं की। इसका कारण शायद यह भी था कि नदी में पानी का स्तर अधिक था और ठंड के मौसम में पानी में उतरना भी काफी मुश्किल था।

इसीके साथ मौके पर पहुंचे पुलिस जवान भानू प्रताप तथा सुरेश कुमार ने बिना कुछ सोचे ही, पहले वर्दी उतारी फिर अपनी जान की परवाह किए बगैर ही वे पानी में कूद गए। फिर पुलिस जवानों ने कड़ी मशक्क्त के बाद नदी में डूब रहे शख्स को सुरक्षित पानी से बहार निकला और तुरंत ही उसे जोनल अस्पताल मंडी के लिए पहुंचाया गया। वही अब अस्पताल में इस व्यक्ति की हालत स्थिर बताई जा रही है।

इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस जवानों ने अदम्य साहस का परिचय दिया और अपनी जान को जोखिम में डालकर ब्यास नदी में कूद गए। इसके बाद व्यक्ति को नदी से सुरक्षित बाहर निकाला गया। वही स्थानीय लोगों ने सदर पुलिस की तारीफ की है और इस शख्स की जान बचाने के लिए इन दोनों पुलिस कर्मियों को उचित इनाम तथा पुलिस पदक देने की भी मांग की है। ये पुलिसकर्मी नदी में डूब रहे शख्स को मौत के मुँह से वापस ले आए है, क्योंकि मामूली सी देरी के कारण इस व्यक्ति की जान जा सकती थी।